रामायण शूटिंग की एक अनसुनी कथा🌹❤️
🌸 जब रामानंद सागर जी ने सेट पर “राम” को राम होना सिखाया 🌸 (रामायण शूटिंग की एक अनसुनी कथा) वो सुबह कुछ अलग थी… रामायण के सेट पर आज सीता स्वयंवर का दृश्य फिल्माया जाना था। चारों ओर भव्य सभा, रंग-बिरंगे वस्त्रों में राजा, भारी-भरकम धनुष — और बीच में खड़े थे अरुण गोविल जी, शांत, गंभीर, जैसे सचमुच अयोध्या के राम हों। लेकिन कैमरा चालू होने से पहले, रामानंद सागर जी धीरे-धीरे मंच पर आए… उनकी आँखों में वही गहराई थी, जिसमें शास्त्र भी थे और अनुभव भी। 📜 उन्होंने अरुण गोविल जी से कहा— “देखिए, ये सिर्फ धनुष उठाने का दृश्य नहीं है। यह क्षण है, जब संसार पहली बार समझेगा — राम शक्ति से नहीं, मर्यादा से धनुष उठाते हैं।” सेट पर अचानक सन्नाटा छा गया… 🎬 रामानंद सागर जी ने आगे कहा— “आप जब धनुष की ओर बढ़ें, तो चेहरे पर गर्व नहीं, बल्कि सहजता होनी चाहिए… जैसे ये धनुष आपके लिए बोझ नहीं, कर्तव्य हो।” फिर उन्होंने राजाओं की ओर इशारा किया। जो राजा धनुष उठाने में असफल हो रहे थे, उनके बारे में भी सागर जी ने पहले ही समझा रखा था— “कोई राजा अहंकार से आएगा, कोई बल से, कोई हंसी उड़ाने के लिए… आप सबको वही भाव निभाना...